*जैनी प्रकरण में फिर गरमाया विवाद, जैनी ने की दोबारा CBI जांच और DNA टेस्ट की मांग*
Oplus_16908288
उत्तराखंड में जैनी प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले को लेकर इंदिरा देवरी उर्फ जैनी ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान जैनी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कई ऐसे दावे किए, जिनके बाद एक बार फिर इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जैनी का दावा है कि जब वह महज 16 साल की थीं, तब उन्हें गर्ल्स हॉस्टल में रखने के नाम पर देहरादून के एक मानसिक अस्पताल में रखा गया था। उनका आरोप है कि उस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और डराकर देहरादून से बाहर भेज दिया गया। जैनी ने कहा कि उस समय वह काफी कम उम्र की थीं और परिस्थितियों के चलते अपनी बात खुलकर सामने नहीं रख पाईं।
प्रेस वार्ता के दौरान अपनी जिंदगी से जुड़े इन अनुभवों को बताते हुए जैनी कई बार भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि इतने समय बाद भी उन्हें न्याय का इंतजार है और उनके साथ जो कुछ भी हुआ, उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। जैनी ने इस पूरे प्रकरण की दोबारा सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने नार्को टेस्ट और डीएनए टेस्ट कराने की भी मांग की, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आ सके।
जैनी का कहना है कि इस मामले में केवल आरोप-प्रत्यारोप तक बात सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच के दायरे में सभी संबंधित पहलुओं को शामिल किया जाए, जिससे किसी भी तरह का संदेह बाकी न रहे।
वहीं, प्रेस वार्ता के जरिए जैनी ने साफ संदेश दिया कि वह अब इस मामले में न्याय की लड़ाई जारी रखना चाहती हैं। उनका कहना है कि उन्हें भी न्याय पाने का पूरा अधिकार है और उनकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
