*नेपाल त्रासदी के बीच हरितालिका तीज उत्सव पड़ा फीका*

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देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में हर साल बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव इस बार नेपाल में आई भीषण आपदा के चलते अलग अंदाज में आयोजित किया जाएगा। पिछले करीब 20 वर्षों से भव्य रूप में आयोजित होने वाले इस मेले को इस बार चैरिटी कार्यक्रम का स्वरूप दिया गया है। नेपाल में जलप्रलय से हुई भारी जनहानि और तबाही के बाद कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए यह निर्णय लिया है।

कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना और मौन रखकर की जाएगी। गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की ओर से लोगों से अपील की गई है कि इस दुख की घड़ी में नेपाल के पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं और अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक सहयोग दें।

कमेटी का कहना है कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देश नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और आपदा की इस घड़ी में भी भारत की ओर से हरसंभव मदद की जा रही है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए इस बार तीज उत्सव को भव्य मेले के बजाय सेवा और सहयोग के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग ऋषि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के सान्निध्य में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना और शांति पाठ किया जाएगा।

कमेटी की अध्यक्ष माया पवार ने आमजन से अपील की है कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा दान दें। उन्होंने कहा कि इस बार उत्सव की भव्यता से ज्यादा प्राथमिकता मानवीय संवेदना और पीड़ित परिवारों की सहायता को दी गई है।

कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष प्रभा शाह, सचिव ज्योति कोटिया, संरक्षक सूर्य विक्रम शाही, मीडिया प्रभारी एवं उपाध्यक्ष वंदना बिष्ट समेत कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहेंगे। सभी ने नेपाल आपदा में मृत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

इस बार गढ़ी कैंट का तीज उत्सव सिर्फ संस्कृति और परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि नेपाल के पीड़ित परिवारों के लिए मदद और मानवीय संवेदना का संदेश भी देगा।

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