*सैनिक परिवारों के लिए शिक्षा का बड़ा तोहफा*
रानीखेत से सैनिक परिवारों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कुमाऊं एवं नागा रेजीमेंट के वीर नारियों, वीर माताओं और बलिदानी सैनिकों के आश्रितों के लिए उच्च शिक्षा का नया रास्ता खुला है। CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून और कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर, रानीखेत के बीच MOU साइन किया गया है। इसके तहत पात्र वीर नारियों, वीर माताओं और बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को उच्च शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों को 40 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलेगी।
इस पहल का मकसद सैनिक परिवारों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सके। CIMS और UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, लॉ, मैनेजमेंट और होटल मैनेजमेंट समेत 30 से ज्यादा प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
MOU के दौरान कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महाडिक ने कहा कि अच्छी शिक्षा और सही समय पर मिलने वाला अवसर किसी भी युवा के जीवन की दिशा बदल सकता है। सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए यह पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सैनिक परिवारों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
वहीं CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि सैनिक परिवारों की सेवा करना संस्थान के लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत करने के प्रयास भी होने चाहिए।
कार्यक्रम में शिक्षा के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। इस दौरान 1,400 से अधिक अग्निवीरों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा आर्मी पब्लिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय रानीखेत के करीब 500 विद्यार्थियों ने भी अभियान में हिस्सा लिया।
सैन्य अधिकारियों, जवानों, अग्निवीरों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवन जीने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविद ललित जोशी ने युवाओं से शिक्षा, खेल और फिटनेस जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की।
कुल मिलाकर रानीखेत से हुआ यह समझौता सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के नए अवसर खोलने वाला कदम है। खास तौर पर वीर नारियों, वीर माताओं और बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलने से उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।
