*सीएम धामी ने एसआईआर (SIR)मामले पर कड़ा प्रहार किया*
एसआईआर (SIR) और चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा प्रहार किया।
धामी ने कहा ज्ञानेश कुमार जी तो लगभग 2025 में आए हैं। लगभग 2 साल उनको हुए हैं। उससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी-एनडीए हर जगह जीत रही थी और कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। यह एसआईआर (SIR) देश में कोई पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले भी 20 बार एसआईआर हो चुका है। तब कभी आपत्ति नहीं हुई। पहली बार जैसा एसआईआर होना चाहिए, वैसा एसआईआर हो रहा है। क्या जो घुसपैठिये हैं, उन्हें यहाँ वोट का अधिकार मिलना चाहिए?
जो तीन-तीन, चार-चार राज्यों में अपना वोट बनाए हुए हैं और पूरे चुनाव को प्रभावित करते हैं, क्या उनका वोट होना चाहिए? अगर उनका शुद्धिकरण किया जा रहा है या उन्हें रोका जा रहा है, तो किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? आपत्ति होने का सीधा मतलब है कि दाल में कुछ काला है।
देश संविधान, व्यवस्था और विधि के अनुसार चलेगा। केवल विरोध के लिए विरोध करना, कभी ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना, कभी प्रशासनिक मशीनरी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना सही नहीं है। यह विरोध केवल एक बहाना है, असलियत यह है कि गलत तरीके से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशों में वे सफल नहीं हो पा रहे हैं।
