देहरादून- उत्तराखंड में पहली बार NELS प्रोवाइडर और ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कोर्स
उत्तराखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज के NELS स्किल सेंटर में 5 से 9 अगस्त तक पहली बार पांच दिवसीय नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट यानी NELS प्रोवाइडर सह ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कोर्स आयोजित किया गया। खास बात यह है कि यह कोर्स आयोजित करने वाला राजकीय दून मेडिकल कॉलेज उत्तराखंड का पहला केंद्र बन गया है। पांच दिवसीय और 40 घंटे के इस गहन प्रशिक्षण में राज्यभर से 16 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों को बेसिक और एडवांस लाइफ सपोर्ट, एयरवे मैनेजमेंट, ऑक्सीजन थेरेपी, इंटुबेशन, डिफिब्रिलेशन और AED के इस्तेमाल के साथ-साथ ट्रॉमा मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई।
इसके अलावा सिर, छाती, पेट और रीढ़ की चोटों का आकलन, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सीजर्स, प्रसूति एवं नवजात इमरजेंसी, पीडियाट्रिक एयरवे सपोर्ट, पॉइजनिंग और आपदा के दौरान ट्राइएज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रैक्टिकल प्रशिक्षण कराया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों की लिखित और प्रायोगिक परीक्षा के साथ ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स सत्र आयोजित किए गए, ताकि प्रशिक्षित डॉक्टर भविष्य में अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग दे सकें। कार्यक्रम का समन्वय NELS स्किल सेंटर के प्रभारी प्रो. डॉ. अतुल कुमार सिंह और डॉ. विशाल ने किया। वहीं राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. चित्रा जोशी, डॉ. अनिल जोशी, डॉ. अमर उपाध्याय और डॉ. बी.एन. त्रिपाठी ने भी विभिन्न सत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के समापन पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की डीन एवं प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन ने NELS स्किल सेंटर की पूरी टीम, मास्टर ट्रेनर्स और सभी प्रतिभागियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि तैयार हुआ यह प्रशिक्षित फैकल्टी पूल उत्तराखंड में बेहतर इमरजेंसी केयर को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रशिक्षित करेगा। इससे प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
