*एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर आखिर क्यों*
उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब 600 एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सितंबर 2026 से हड़ताल और कार्य बहिष्कार पर हैं।
इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदेश में एमबीबीएस डॉक्टरों का स्वीकृत मासिक वेतन करीब 70 हजार रुपये है, लेकिन उन्हें लगभग 64 हजार रुपये ही मिलते हैं। उनका दावा है कि दूसरे राज्यों में एमबीबीएस डॉक्टरों और इंटर्न डॉक्टरों को इससे कहीं ज्यादा मानदेय दिया जा रहा है।
हड़ताल का असर दून अस्पताल की ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की नियमित सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं में इंटर्न डॉक्टर अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। वहीं, दून अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है।
हड़ताल के चलते अस्पताल पहुंच रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि उन्हें इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
