*नेपाल की आपदा पर गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी ने जताई संवेदना*
नेपाल में आई भीषण जल प्रलय और विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों के लापता होने और कई लोगों की जान जाने की खबरों के बीच उत्तराखंड की गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कमेटी की ओर से गढ़ी कैंट स्थित शनि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। आचार्य श्री सुशांत जी महाराज के सान्निध्य में मृत पुण्य आत्माओं की शांति और लापता लोगों के जल्द सकुशल मिलने की प्रार्थना की गई।
कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि नेपाल में आई इस भीषण आपदा ने लोगों के सामने मुश्किल हालात खड़े कर दिए हैं। बाढ़ के रौद्र रूप के चलते कई परिवारों के आशियाने और उनकी पूरी गृहस्थी देखते ही देखते सैलाब की भेंट चढ़ गई। आपदा के बाद प्रभावित लोगों के सामने भोजन और जरूरी सामान का भी संकट खड़ा हो गया है।
कमेटी ने नेपाल के प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आर्थिक सहयोग भी शुरू किया है। कमेटी का कहना है कि संकट की इस घड़ी में पड़ोसी देश नेपाल के लोगों के साथ खड़ा रहना सभी की जिम्मेदारी है।
इससे पहले थराली में आई भीषण आपदा के दौरान भी गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की ओर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग किया गया था।
वर्ष 2026 की अध्यक्ष श्रीमती माया पवार और संस्था अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शाह के नेतृत्व में कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने नेपाल की इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया।
इस दौरान उपासना थापा, सविता छेत्री, प्रमिला खत्री, मधु छेत्री, पूनम गुरुंग, कविता छेत्री, मधु खनाल, पुष्पा छेत्री, कविता माहुर, सुनीता छेत्री, पूजा सुब्बा चंद्र, संध्या थापा, संगीता, ज्योति कोटिया, राजेंद्र गुरुंग, बुद्धिमान थापा, सरोज गुरुंग, एन.बी. खत्री, नील कमल चंद, देविन शाही, संजय मल सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कमेटी ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और लापता लोगों के जल्द सकुशल मिलने की कामना करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
