उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले

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देहरादून में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक समाप्त हो गई है। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के अहम फैसलों की जानकारी दी। इस बैठक में पशुपालन, श्रम, शिक्षा, उद्योग और न्यायिक ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने पशुपालन विभाग की गौ पालन योजना में सब्सिडी बढ़ाने का फैसला लिया है। अब सामान्य वर्ग के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे और गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने पर भी सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण होगा। नियमावली के अनुसार हर माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान अनिवार्य होगा और पुरुष व महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाएगा। कैबिनेट ने उत्तराखंड श्रमिक नियमावली और मजदूरी संविदा से जुड़े प्रावधानों को भी मंजूरी दी है, जिससे नियोजक और कर्मकार के बीच संबंध बेहतर होंगे और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। साथ ही छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का भी प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजातीय छात्रावासों के संचालन को लेकर वर्ष 2026 तक की व्यवस्था को भी स्वीकृति दी गई है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म के तहत वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों के संरक्षण और उपयोग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधित अध्यादेश को मंजूरी दी गई है। न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए हाईकोर्ट नैनीताल को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने का फैसला लिया गया है। खेल क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। जल जीवन मिशन के तहत केंद्र की गाइडलाइंस को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और हस्तांतरण संभव हो सकेगा। सहकारिता क्षेत्र में भी बदलाव करते हुए अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को सहकारी समिति का सदस्य बनने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश के साथ समझौता करने पर सहमति बनी है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। अंत में वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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